Category: Guddu sikandrabadi

मै कविता हूँ 0

मै कविता हूँ

मैं कविता मैं अंजान हूँ, मैं नादान हूँ, और किसी की पहचान हूँ, कलम द्वारा आई कुछ शब्दो की डाल हूँ । कभी रैंग-रैंग चले कलम कभी कभी दौड़ी जाए, कुछ शब्दो से बने...

अगर तुम मासूम न होते 0

अगर तुम मासूम न होते

मेरे लिए कोई रास्ता नहीं ढूंडता, अगर तुम मासूम न होते । मेरे लिए कोई सम्मान नही खोजता, अगर तुम असम्मान न होते । मेरे लिए कोई आसमान नही छूता, अगर तुम अन्जान न...

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