Category: Ankit Dubey

जूतें 0

जूतें

सोचता हूँ कितने ख़ुशनसीब होते है ये जूतें, जो हमेशा जोड़े में रहते है। एक साथ चलते एक साथ उतारे जाते एक बार जिसके साथ जोड़ा बना, तो बस पूरी ज़िंदगी उसका साथ देते।...

वो समय था 0

वो समय था

कल शाम मैंने उसको अपनी गली के नुक्कड़ पर देखा, मैंने आवाज़ लगाई, अरे भाई सुनो… फिर पास जाकर कहा, अरे भाई सुनो कहाँ रहते हो आजकल दिखाई ही नही देते बिलकुल.. क्या घर...

राजपथ 0

राजपथ

राजपथ है ये राजपथ नहीं ये कोई आम पथ है ये देश के सम्मान का पथ है, दिल्ली के अभिमान का पथ है, सेना के साहस का पथ है हर्ष-व-उल्लास का पथ है। राजपथ...

मेघ को बरसने दो.. 0

मेघ को बरसने दो..

बरसने दो आज इस आकाश को छा जाने दो घनघोर घटायें, वृहद्-सूक्ष्म कुछ नज़र न आयें। हो जाये दिन रात-सा काला घट जाये भले रोशनी का प्याला। मन उजियारे को तरसने दो… मेघ को...

ओ मेरी सोन चिरैया..(dedicated to nirbhaya) 0

ओ मेरी सोन चिरैया..(dedicated to nirbhaya)

ओ मेरी सोन चिरैया तू किस आकाश चली अपने कोमल पंखों से उड़ती नभ,पाताल चली फुदक के कभी यहाँ अगले क्षण वहाँ चली, क्षणिक होता तेरा एक स्थान पर रहना , रास नही आता...

कैसे भूल सकता हूँ…. 0

कैसे भूल सकता हूँ….

कैसे भूल सकता हूँ रात चुपके से तेरा आना तुम्हारा कोमल हाथों से मेरी पलके छुपाना, फिर धीरे से मेरे कान पे तुम्हारा दस्तक देना। कैसे भूल सकता हूँ रात तुम्हारा हाथ थाम के...

माँ… 2

माँ…

ग़म में भी मुस्कुराना मैंने माँ से सीखा है, कम पैसों में घर चलाना मैंने माँ से सीखा है। सही गलत को समझना उसकी परख करना मैंने माँ से सीखा है। हर उतार चढ़ाव...

पिता का मोल 0

पिता का मोल

पिता का मोल माँ की ममता गर अनमोल होती है तो पिता के प्रेम का भी कोई मोल नहीं, बचपन से माँ से प्यार और दुलार मिला है पर पिता के आशीर्वादों ने हमेशा...

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