Category: Anjali Yadav

प्रकृति 0

प्रकृति

ये हवाएँ, ये पेड़, ये फूल ये समुन्द्र, ये जमीं, ये आसमां मोहब्बत का एहसास कराते हैं प्रकृति की सुन्दरता दिखाते हैं हम है कि इन्हें नष्ट करते जाते हैं आगे कहाँ देखूगीं मै...

राज 2

राज

रात के, अन्धेरे में सपने में कुछ आ जाए, अगर सन्नाटे में, मेरी जुबां खुल जाए, मगर सुबह के, उजयारे में मेरा राज ना खोलना, तुम यूँ शरेआम मेरा भरोसा ना तोड़ना, तुम मुझे...

बहन कहूँ या दोस्त तुम्हें 0

बहन कहूँ या दोस्त तुम्हें

बचपन से कोई बात नहीं हुई भी हो तो याद नहीं तीन साल पहले हुई पहली मुलाकात 22 अप्रेल 2014 का वो दिन आज भी है मुझे याद तब भी हुई कोई बात नहीं...

चुनावी मुद्दा 0

चुनावी मुद्दा

नेताओं का गरीबों को सपने दिखाना वे काम ना आए तो धर्म पर लड़ाना जाति, धर्म पर हमको उकसाना और हमारा भीड़ बनकर वहशी हो जाना मूल मुद्दो से ध्यान भटकाना इस दौर में...

15 जुलाई 2015 0

15 जुलाई 2015

दो साल पहले का वो भयानक दिन आज भी है मुझे याद जब चाचा ने सुबह आकर बताया रमन हुआ है दुर्घटना का शिकार और सर में टाँकें लगे है तुम्हें बीती रात इतना...

उपहार 0

उपहार

आपने ही मुझे सब कुछ दिया आपको क्या मैं उपहार दूँ फिर सोचा चलो कुछ यादें और प्यार उपहार दूँ लिखू कुछ यादें और प्यार बेशुमार पर उसे लफ्जों में बयां कर दूँ इतना...

दर्द 0

दर्द

सुना था, मुस्कुराने से दर्द दूर चला जाता है दशक हुआ हमे साथ रहते ऐसा कुछ नज़र तो नहीं आता है मगर हाँ, दर्द का दूर चले जाना कुछ खोया सा नज़र आता है...

ख़याल-ओ-ख़्वाबो मे देखा था जिस को 0

ख़याल-ओ-ख़्वाबो मे देखा था जिस को

तुझ में पाया था, जब से मैने मुझ को… खुद-नसीब समझता था, मैं खुद को… सोचा था जिसको, चाहा था उस को… ख़याल-ओ-ख़्वाबो में देखा था जिस को..! आब-ए-चश्म ने भिगोया है मुझ को…...

13 साल 0

13 साल

छोटी-2 चीजों पर ललचाना रोते रोते हँसने लगना चलते चलते गिर पड़ना पूरा दिन कहीं ना टिकना तपती धूप में घूमते फिरना स्कूल के नाम से मेरा खिल जाना फिर घर आने की भी...

पापा 0

पापा

दीदी को भेजना तो था ही अब आँसु तो मत बहाओ न पापा दीदी तो चली गयी अब मेरे पास बैठो न पापा दीदी से तो रोज बातें करते हो मुझसे भी बातें करो...