Category: Anjali Yadav

मेरी प्रेरणा 0

मेरी प्रेरणा

मेरे लफ़्ज काग़ज पर उतरने से पहले तेरी यादों से होकर गुजरते हैं तब कहीं जाकर किसी के दिल में घर करते हैं तू ना आए याद अगर तो कलम भी रूठ जाती है...

विडंबना 0

विडंबना

कोई दिन भर मेहनत करके भी रातों को भूखा सोता है कोई पूरा दिन खेल कूद कर रात को पिज्जा, बर्गर के लिए रोता है कोई छोटी-२ ख़्वाहिशों की खातिर घुट-घुट कर जीता है...

हम खुद से इस कदर डरते हैं… 0

हम खुद से इस कदर डरते हैं…

हम खुद से इस कदर डरते हैं… आइनों से भी बच-बच कर निकलते हैं..! रोक-टोक करने वालों से हम बचकर चलते हैं… उनसे नहीं उनकी सोच से डरते हैं..! वो और होंगे जो हवाओं...

कलम के सिपाही मरा नहीं करते 0

कलम के सिपाही मरा नहीं करते

कलम के सिपाही मरा नहीं करते प्रतियाँ कर लो जब्त भले विचार दबा नहीं करते कलम को ना तुम कम आंको ये वो हैं जो तख़्त पलट दिया करती हैं शब्द की ताकत का...

प्रकृति 0

प्रकृति

ये हवाएँ, ये पेड़, ये फूल ये समुन्द्र, ये जमीं, ये आसमां मोहब्बत का एहसास कराते हैं प्रकृति की सुन्दरता दिखाते हैं हम है कि इन्हें नष्ट करते जाते हैं आगे कहाँ देखूगीं मै...

राज 2

राज

रात के, अन्धेरे में सपने में कुछ आ जाए, अगर सन्नाटे में, मेरी जुबां खुल जाए, मगर सुबह के, उजयारे में मेरा राज ना खोलना, तुम यूँ शरेआम मेरा भरोसा ना तोड़ना, तुम मुझे...

बहन कहूँ या दोस्त तुम्हें 1

बहन कहूँ या दोस्त तुम्हें

बचपन से कोई बात नहीं हुई भी हो तो याद नहीं तीन साल पहले हुई पहली मुलाकात 22 अप्रेल 2014 का वो दिन आज भी है मुझे याद तब भी हुई कोई बात नहीं...

चुनावी मुद्दा 0

चुनावी मुद्दा

नेताओं का गरीबों को सपने दिखाना वे काम ना आए तो धर्म पर लड़ाना जाति, धर्म पर हमको उकसाना और हमारा भीड़ बनकर वहशी हो जाना मूल मुद्दो से ध्यान भटकाना इस दौर में...

15 जुलाई 2015 0

15 जुलाई 2015

दो साल पहले का वो भयानक दिन आज भी है मुझे याद जब चाचा ने सुबह आकर बताया रमन हुआ है दुर्घटना का शिकार और सर में टाँकें लगे है तुम्हें बीती रात इतना...

उपहार 0

उपहार

आपने ही मुझे सब कुछ दिया आपको क्या मैं उपहार दूँ फिर सोचा चलो कुछ यादें और प्यार उपहार दूँ लिखू कुछ यादें और प्यार बेशुमार पर उसे लफ्जों में बयां कर दूँ इतना...