Category: Akib Javed

चाँद की चाहत 0

चाँद की चाहत

चाँद की चाहत चाहत के अंदाज में निकला होगा चाँद, देख कर तुझको फिर शर्माया होगा चाँद। बैठ कर छत पर देखा करेगे उसको, चाँद को देखकर पूछा करेगे तुझको। बाते चाँद से पूछकर...

ठहर सा गया हैं 0

ठहर सा गया हैं

ठहर सा गया है ,ये समुन्दर का पानी जरा जा के देखो,इसे क्या अब हुआ है कंही तेरी यादो में खो ना गया हो जरा जा के देखो इसे क्या हुआ है मदमस्त सा...

हमको ना ऐसे देखा कीजिये 0

हमको ना ऐसे देखा कीजिये

हमको ना यु ऐसे देखा कीजिये शरे राह ना इजहार कीजिये दुश्मन जमाना बना बैठा है शरे राह यु ना दुश्मनी मोल लीजिये। -आकिब जावेद

गर होश में होते 0

गर होश में होते

गर होश में होतें, ये शीशे के मकान ना बना डालते! अपने दिल में यु ही, ये उल्फत के तूफान न उठा डालते! इक तेरी याद थी,आंखों में भरी, यु ही हम,अपनी बात को...

सपनो का भारत 0

सपनो का भारत

सपनो का भारत होती जुबा भी कुछ कहने के लिए, ये दिल की बाते समझता नही है! कुछ आरजू मन में दबी है, कुछ की अब यहाँ बोली लगी है! सच कोई यंहा सुनता...

रोशनी का कुछ ना कुछ इमकान होना चाहिए 0

रोशनी का कुछ ना कुछ इमकान होना चाहिए

रोशनी का कुछ ना कुछ इमकान होना चाहिए, बंद कमरे में भी रोशनदान होना चाहिए! वो नो अनपढ़ ह चलो हैवान है तो ठीक है, हम पढ़े लिखे को तो इंशान होना चाहिये! हिन्दू-...

तुझे चाहना भूल थी 0

तुझे चाहना भूल थी

मुझे माफ़ कर मेरे हमसफर,,तुझे चाहना मेरी भूल थी.. किसी राह पर जो उठी नज़र,,तुझे देखना मेरी भूल थी.. कोई नज़्म हो या हो ग़ज़ल,,कहीं रात हो कहीं हो सहर.. वो गली गली वो...

मुश्किल से मिलते हैं रिस्ते 0

मुश्किल से मिलते हैं रिस्ते

मुश्किल से मिलते हैं रिस्ते बाते वफ़ा की कंहा रह गयी है, मुश्किल से मिलते है रिस्ते, जिसमे रिस्ते रिभाने की कद्र रह गयी हैं। है कुछ सलीका मिलने का उनसे, दरफ्त दर दरफ्त...

कुछ हाथ ना आएगा 0

कुछ हाथ ना आएगा

हो अगर दुनिया में कोई ऐसा काम, ना दुखे दिल किसी का,हो राह आसान बाद मरने के कुछ ना हाथ आएगा, अंत में मर के कब्रिस्तान, शमशान जायेगा।।

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