Kavishala – कविशाला- Delhi Meetup | March’17

कविता और कवि ने हमेशा से समाज सुधारने का काम किया है ! कभी नेता को नींद से जगाया तो कभी आंदोलनकारियों को नया जोश दिलाया, कविता ने हमेशा से समाज के उत्थान का काम किया है! कविता नदी की तरह होती है, जो समाज के लिए बहती है बिना किसी खुदगर्जी के!
कविता लिखे जाने तक तो कवि की होती है मगर पूरी हो जाने पर समाज की हो जाती है, यही कविता किसी को प्यार देती है, किसी को आत्मविश्वास देती है, किसी दोस्ती देती है !! ऐसी कविता को बहने देना चाहिये, इसी प्रयास में कविशाला संघर्षरत है! जब कविता समाज से दूर होती जा रही, कवितामयी समाज को प्रेषित करने वाली कुछ ही नाम है, वो नाम भी ऐसे है जो हमारी पीढ़ी से २०-२५ साल पुराने है, इसी रिक्त स्थान को भरने का प्रयास कविशाला का है! हमारे देश में कविता और कवि बहुत है लेकिन सब कुछ छिपा है, या तो ऐसा मंच नहीं है जिसके माध्यम से वो समाज में आ सके या फिर कवि अपनी कविता को समाज में रखने से झिझकता है, डरता है !
यही कारण है की डा.कुमार विश्वास, मुनव्वर राणा, रहत इंदौरी आदि के बाद कोई भी नाम नहीं है जिसे पूरा समाज एक स्वर में पहचानता हो!

इन्ही सब प्रयासों के साथ कविशाला, हर महीने कवियों के साथ इकठ्ठा होता है, जहां पर कवि अपनी कवितायें आपस में साझा करते है, कविता पर विचार विमर्स करते है ! कविशाला मई २०१६ में शुरू हुआ था और १० महीनों में कविशाला कविशाला से ६०० से ज्यादा कवि जुड़ चुके है और ६००० से ज्यादा कवितायेँ http://kavishala.in/ पर है !!
पिछले ३ महीनों से कविशाला ने जमीनी सस्तर पर कुछ गोष्ठियां शुरू की है, अभी हाल में इसी क्रम के कविशाला ने ‘लोक कला मंच’ में तीसरी गोष्ठि का आयोजन किया, जहां करीब ३० कवियों ने अपनी कवितायेँ साझा की !!

कविशाला -:- लिखते रहिये आदत बुरी नहीं है.

 

We are living in a society, where Poetry plays an important role in everything, in our food, in our work in communications etc. Poetry is God gifted  which makes us happy. Every Poetry Matters. Be a Part of @kavishala Family. Email ID: poetry@kavishala.in

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