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लुटी हुई तिजोरी पे ताला नहीं लगाते… 0

लुटी हुई तिजोरी पे ताला नहीं लगाते…

इस दिल की सुखन अब सुनायेगा कोई, नीड़ से पंक्षियों को अब उड़ायेगा कोई। जान जाये न मेरी अहमियत ये दुनिया, अपनी शुर्खियों को अब छुपायेगा कोई॥ देखकर कोई कर न दे घर पे...

नजारा मौत का 0

नजारा मौत का

पता नहीं क्यों बहुत प्यार से नहलाया जा रहा था मुझे, मैं था गहरी नींद में और बहुत प्यार से सजाया जा रहा था मुझे| पता नहीं क्यों बहुत प्यार से नहलाया जा रहा...

गोद माँ की एक बन्दिश है 0

गोद माँ की एक बन्दिश है

उस जगह से सुरक्षित और दूसरी जगह क्या होगी माँ के गोद से बेहतर आरक्षित और दूसरी जगह क्या होगी पर गोद माँ की एक बन्दिश है जो हमे पथरीले जमी पे चलने से...

भवानी प्रसाद मिश्र

भवानी प्रसाद मिश्र

जीवन परिचय – (विकिपीडिया से) भवानी प्रसाद मिश्र(१९१४- १९८५) हिन्दी के प्रसिद्ध कवि तथा गांधीवादी विचारक थे। भवानी प्रसाद मिश्र (जन्म: २९ मार्च १९१४ – मृत्यु: २० फ़रवरी १९८५) हिन्दी के प्रसिद्ध कवि तथा...

राजनीति और भ्रष्टाचार लगते दोनों पक्के यार 0

राजनीति और भ्रष्टाचार लगते दोनों पक्के यार

चलन घोटालों का कैसा चला हर करोड़पति लुटेरा सा लगा वादा किया था काला धन वापस लाने का सफेद धन ही काला बन देखो आज विदेश चला । हाथ इमानदार है पप्पू का ईमानदार...

इक नाम फिर आया, जिंदगी में। 0

इक नाम फिर आया, जिंदगी में।

  एक नाम फिर आ रहा है,  मेरी जिंदगी में, खलबली फिर मचा रहा है,  मेरी जिंदगी में। अब भी हमें याद है उनका हमको जिआना, ये भी जिआये जा रहा है, मेरी जिंदगी...

तेरा साथ 0

तेरा साथ

मुझे तेरी पलको की छांव में रहने दो । कुछ बातें जो अनकही सी है ,उसे कहने दो ।। उँगलियाँ जो तेरे जुल्फों में रुकी सी है । थोड़ी शरारतें इन्हें भी करने दो...

तुम पलकें झुकाते हो हम पन्ने पलटते हैं 0

तुम पलकें झुकाते हो हम पन्ने पलटते हैं

तुम पलकें झुकाते हो हम पन्ने पलटते हैं, हर पन्नों पर लिखी हैं कहानी नयी, हर कहानी तेरी आँखों की हैं नये राज़ लिये, तेरी आँखों को पढ़ लेते हैं किताबो की तरह।

अब जब ना चैन मिलता हैं 0

अब जब ना चैन मिलता हैं

अब जब ना चैन मिलता हैं, हमे तब चैन मिलता है, बेघर बेकरार रहने की, आदत मिली है हमको, मर जाते है लोग जब, रुह को सुकून मिलता है, जिते हुए भी मरने जैसी,...

चलो आज एक कहानी कहता हूँ 0

चलो आज एक कहानी कहता हूँ

चलो आज एक कहानी कहता हूँ जो गुजर रही उसे जवानी कहता हूँ। एक तरह से ही ये दिल धड़कता है अब इसे एक चीज पुरानी कहता हूँ। अब तक सफर में साथ है...

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