होली तो बिचारी भोली थी

Reetesh Khare

Reetesh Khare

संक्षिप्त परिचय http://p4poetry.com, http://aajtak.intoday.in/, http://www.tumbhi.com/myportfolio.do आदि विश्वजाल मंचों पर अपनी कविताएँ प्रकाशित कर चुके रीतेश, मूल रूप से विज्ञापन एजेंसी में बतौर कॉपीराइटर पेशेवर लेखन करते हैं। शब्दों में भरी संगीतमयता ने इन्हें बचपन से ही आकर्षित किया, और फिर तुकबंदियों की ज़मीन पर पैर जमाते जमाते, सोच-विचार भरी रचनाएं करने लगे..एक जुमला यूँ कहा, “शब्दों में कुछ ऐसा सम्बन्ध पैदा हो, जैसे फूलों में भीनी सुगंध पैदा हो”. ज़ाहिर है, साहित्य पढ़ने की प्रवृत्ति ज्ञान वर्धन करती रहती है. रीतेश ने अपना तखल्लुस ‘सब्र जबलपुरी’ चुना जिसे अब वे रचनाओं के साथ ‘सब्र रीत जबलपुरी’ लिखते रहते हैं. उनकी रचनाधर्मिता, निम्न विश्वजाल लिंक्स पर भी देखी जा सकती है- हिन्दी कविता संग्रह लिंक: http://p4poetry.com/author/reetesh-sabr/ अंग्रेज़ी पोएट्री लिंक : http://poemhunter.com/reetesh-sabr http://www.tumbhi.com/myshowcase-page.do OR http://www.tumbhi.com/myprofile.do रीतेश मानते हैं कि जीवन और संसार की विसंगतियां चिर काल से रूप बदलते हुए जारी रहती हैं, ऐसे में जो भी हम भोगें या अपने आस पास घटता हुआ देखें, उसका आईना बन के झलकाएं. आपबीती और जगबीती एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जो जीवन में समय और अनुभव के साथ लेखक की लेखनी से बयाँ होते रहते हैं. रीतेश की कोशिश रहती है, सहज रूप में अभिव्यक्त होते रहने की. रीतेश से आप निम्न माध्यम से संपर्क कर सकते हैं- ई-मेल : khare.reetesh@gmail.com / sabrjabalpuri@gmail.com फेसबुक : https://www.facebook.com/khare.reetesh & https://www.facebook.com/sabr.jabalpuri ट्विटर : https://twitter.com/reeteshkhare ब्लॉग : http://sabrjabalpuri.blogspot.in/ वर्तमान निवास: मुम्बई के उपनगर- वसई (पूर्व), ज़िला- ठाणे, महाराष्ट्र में ईस्वी सन 2010 से. मोबाइल न. : (+91) 9324751267 उपलब्धियां: कविता प्रकाशन-  (p4poetry) Passion for Poetry Anthology 2008-09 में एक ग़ज़ल- “छलका है दिल तो तुमने ही संभाला है”  http://aajtak.intoday.in/story/mumbai-train-poem-by-reetesh-khare-1-804130.html  http://www.tumbhi.com/myportfolio.do & http://www.tumbhi.com/myshowcase-page.do  सत्य दर्शन नामक, अम्बाला, हरयाणा से प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका में मार्च, दिसंबर 2014 के अंक में 2 कवितायें- 1) वो भी क्या दिन थे 2) फिर तुमने जगा दिया है आंसुओं को  www.tumbhi.com द्वारा आयोजित “नादान परिंदे” कविता प्रतियोगिता में प्रथम 25 में चयन, मशहूर गीतकार “इरशाद कामिल” द्वारा निर्णायक दल की अध्यक्षता में. http://www.tumbhi.com/poetry-writing-competition/superShortlist.jsp गीत रिलीज़-  इन्डियन आइडल 2 के फाइनलिस्ट गायक पन्ना गिल के डेब्यू संगीत एल्बम “पन्ना” में शामिल एक गीत- “तेरे दिल को जीत लूँ मैं; इंशाअल्लाह इंशअल्लाह” आज के बहुचर्चित गायक व संगीतकार “नक्काश अज़ीज़” द्वारा संगीत-बद्ध और पन्ना गिल द्वारा स्वरबद्ध. व्यक्तिगत जानकारी: नाम : रीतेश खरे तख़ल्लुस : सब्र रीत जबलपुरी जन्म-तिथि व स्थान: 14 मई 1979, जबलपुर (मध्य-प्रदेश) स्कूली शिक्षा: सैंट मैरीज़ हा. से. स्कूल, जबलपुर. उच्च-शिक्षा : मास्टर्स इन एडवरटाइज़िन्ग एण्ड पब्लिक रिलेशन्स मैनेजमेंट (MAPRM), आई.आई.पी.एस., देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर, मध्य-प्रदेश. सन् 2003. बैचलर्स इन बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA), आई.पी.ई.आर., बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल, मध्य प्रदेश. सन् 2000. कार्यक्षेत्र : विज्ञापन हेतु लेखन (गीत, जिंगल्स, डायलॉग्स, ऐड पंचलाइन्स आदि) वर्तमान में: हिन्दी भाषा में स्वतन्त्र लेखनकर्म (फ्रीलान्स राइटर, ट्रांसलेटर) कर्मभूमि : मुम्बई, महाराष्ट्र, सन् 2004 से. उल्लेख: http://blog.tumbhi.com/tumbhi-events/guftagu/guftagu-mumbai-1214 https://www.facebook.com/TUMBHI/posts/10151561914051948 http://blog.tumbhi.com/tumbhi-contests/tumbhis-super-25-nadaan-parindey-announced-614

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