हम तुम्हें भूल गए जेपी

Amit Tripathi

Amit Tripathi

जब भी व्यथित होता हूँ या बहुत हर्षित होता हूँ लिखता हूँ... मुझे लिखने की विधा नहीं आती पर वेदना संवेनदा में लिखना अच्छा लगता है.. जीवन की आपाधापी ने लिखना कम तो कर दिया .. लेकिन मुझसे अलग नहीं कर पायी ....

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